Ranchi Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। संभावित भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए राजधानी रांची में प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। शहर के संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है और करीब 1500 पुलिस जवानों की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भी पूरे इलाके की निगरानी की जाएगी। विधानसभा के आसपास निषेधाज्ञा प्रशासन ने विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर रखी है। यह आदेश 6 से 12 अगस्त तक सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा। विधानसभा मार्च को देखते हुए राजधानी के कई स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, जबकि कुछ स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग के साथ पर्याप्त बल तैनात रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना है। आठ दिन से अनशन पर देवेंद्र नाथ महतो आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ महतो पिछले आठ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने छात्रों से विधानसभा घेराव में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। महतो के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन भी चिंतित है। देर रात मेडिकल टीम के साथ सिटी एसपी, सदर SDO, सदर CO और ADM मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी। हालांकि, उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। महतो ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है, लेकिन विधानसभा घेराव का कार्यक्रम जारी रहेगा। उनके मुताबिक सरकार की हाई लेवल कमेटी में शामिल चार मंत्रियों ने वीडियो कॉल के जरिए उनका हालचाल लिया और अनशन खत्म करने की अपील की। दूसरे राज्यों से भी समर्थन का दावा आंदोलनकारी संगठनों का दावा है कि प्रदर्शन को दूसरे राज्यों से भी समर्थन मिल रहा है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से छात्र और अभिभावक रांची पहुंचने की बात कही गई है। अभिनेता पीयूष मिश्रा के आंदोलन को समर्थन देने और देवेंद्र नाथ महतो से मुलाकात करने की भी जानकारी सामने आई है। बीजेपी ने नजरबंदी का लगाया आरोप बीजेपी नेता अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को नजरबंद किया गया है। हालांकि, पुलिस-प्रशासन का कहना है कि विधानसभा के आसपास प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। एडीजी मुख्यालय मनोज कौशिक ने छात्रों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च निकालने की अपील की है। रांची SSP राकेश रंजन ने भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच छात्रों का विधानसभा मार्च किस रूप में आगे बढ़ता है और क्या सरकार व प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध टूट पाएगा। ये भी पढ़ें: JPSC पेपर लीक मामले में ED की एंट्री, CID की FIR पर जांच शुरू